रायगढ़. भारतीय जनता युवा मोर्चा के द्वारा बेरोजगारी भत्ते के नियमों को शिथिलकरण करने की मांग को लेकर रोजगार कार्यालय का घेराव किया जाना था। ऐसे में पुलिस के द्वारा पहले से चुस्त दुरूस्थ व्यवस्था की जा चुकी थी। दोपहर करीब दो बजे भारतीय जनता युवा मोर्चा के साथ ही भाजपा के पदाधिकारी और सदस्य भाजपा कार्यालय से निकल कर रोजगार कार्यालय पहुंचे। जमकर नारेबाजी करते हुए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोसिस करते रहे, दूसरी ओर से पुलिस रोकती रही, लेकिन युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहले बैरिकेड्स को तोड़ने में कामयाब हो गए, पर रोजगार कार्यालय के सामने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला रखा था। इसके बाद युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध शुरू कर दिया। आगे बढ़ने के लिए युवा मोर्चा के कार्यकर्ता कोशिश करते रहे तो पुलिस के जवान भी उन्हें पीछे ढकेलते रहे। प्रदर्शनकारी रोजगार कार्यालय में ताला तो नहीं लग सके, लेकिन जमकर नारेबाजी की गई। बाद में प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा और बेरोजगारी भत्ते के नियमों को शिथिल करने के साथ ही प्रदेश के सभी बेरोजगार युवाओं को निशर्त बेरोजगारी भत्ता देने के साथ ही 52 माह का बकाया एक मुष्त भत्ता राशि देने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत, जिला अध्यक्ष विनायक पटनायक, भाजपा जिलाध्यक्ष उमेश अग्रवाल, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुरूपाल भल्ला, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, विवेक रजंन सिन्हा, सुभाश पांडे, कौशलेश मिश्रा, रत्थु गुप्ता, युवा मोर्चा के सन्नी केशरी, आलोक पटेल, जगन्नाथ प्रधान, शशि पटेल के साथ ही काफी संख्या में युवा मोर्चा के सदस्य मौजूद थे।



52 माह का बकाया भत्ता एक मुश्त दिया जाए
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विनायक पटनायक ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख है कि 2015 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में प्रदेश के सभी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह 2500 रूप्ए देने का वादा किया गया था। उस समय किसी भी प्रकार के नियमों की जानकारी नहीं दी गई थी। साढ़े चार वर्श पूर्ण होने के बाद भी बेरोजगार युवाओं को उनका भत्ता नहीं दिया गया। अब एक अप्रैल से भत्ता देने की बात कही जा रही है, पर कई नियम बताया जा रहा है। ऐसे में इन नियमों को शिथिल करने के साथ ही 52 माह का बकाया एक मुश्त भत्ता देने की मांग की जा रही है।
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