भूजल स्तर को सुधारने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने के लिए शासन बार-बार दिशा निर्देश जारी कर रही है लेकिन नीचले स्तर पर इसका क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है जिसके कारण आज भी शहर में वाटर हारवेस्टिंग फेल है. अधिकांश घरों में ये सिस्टम नहीं लगा है. जबकि नगर निगम में कई आवेदन पेंडिंग हैं.

रायगढ़ नगर निगम में रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम दम तोड़ रहा है. वाटर हारवेस्टिंग के लिए हर साल नया टारगेट बनता है, लेकिन लोग अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं लगाते. जबकि गिरते भूजल स्तर को बनाये रखने के लिए बड़े-बड़े भवनों में आरडब्ल्यूएच यानी रेन वाटर हारवेस्टिंग लगाना अनिवार्य है. इस वर्ष भी नगर निगम से करीब एक हजार लोगों ने नक्शा पास करवाया है, लेकिन आरडब्ल्यूएच नहीं लगवा रहे हैं. इसका उदाहरण है कि नगर निगम से सैकड़ों लोगो ने अग्रिम राशि जमा कर दी है. लेकिन वाटर हारवेस्टिंग नहीं लगावया गया. रायगढ़ में आरडब्ल्यूएच नहीं लग पाने की प्रमुख वजह नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही है, क्योंकि अधिकारी अनुमति देकर भूल जाते हैं. निगम के अधिकारी का कहना है कि आरडब्ल्यूएच लगाने को लेकर कड़ाई से पालन करवाया जा रहा है.
नगर निगम अंतर्गत छोटे-बड़े मकान मिलाकर हज़ारो मकान हैं. निगम के नियम के मुताबिक 1500 स्क्वायर फीट के मकान में वाटर हारवेस्टिंग लगाना अनिवार्य है. लेकिन शहर के अधिकांश कॉलोनी और मोहल्लो में रेन वाटर हारवेस्टिंग नहीं है. सिस्टम ना लगाने वालों के खिलाफ निगम को अभियान चलाकर कार्रवाई भी करना है. लेकिन निगम कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है.
