लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावशील होने से पहले स्थानीय विधायक और प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने शहर के चौतरफ़ा विकास के लिए तक़रीबन सैंतालिस कार्यों को स्वीकृति मिली थी, जिसकी कुल लागत तक़रीबन पंद्रह करोड़ की है, इन्हीं कार्यों की सूची में बीस लाख लीटर क्षमता वाली पानी टंकी के निर्माण को भी शामिल किया गया है,

जिसका निर्माण टाऊन हाल यानि नगर निगम परिसर में किया जायेगा, इतनी बड़ी पानी टंकी के लिए तक़रीबन एक करोड़ पंचानबे लाख की स्वीकृति मिली है, इतनी बड़ी क्षमता वाली पानी टंकी के बन जाने से शहर की बड़ी आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा, अभी जो पानी की टंकी निगम परिसर में स्थित है, वो दशकों पुरानी हो चुकी है और समय के साथ लगातार जर्जर भी होती जा रही है, इसलिए लंबे समय से नई पानी टंकी की ज़रूरत महसूस की जा रही थी, जिसे ना केवल गंभीरता से महसूस किया गया, बल्कि राशि भी स्वीकृत करा ली गई, हालांकि अभी लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावशील हो चुकी है, इसलिए उम्मीद की जा रही है आने वाले छः महीनों तक निगम परिसर में नई पानी की टंकी का तेज़ी से होता हुआ निर्माण सबको दिखाई देने लगेगा।

निगम परिसर में पुरानी पानी टंकी के आसपास का बड़ा हिस्सा खाली है, जहां निगम ने पार्किंग बना दी है और एक तरफ़ कबाड़ भी डंप करके रखा गया है, जब यहां बीस लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी बनकर तैयार होगी तो, अव्यवस्थित परिसर को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा, कुल मिलाकर अगर कहें तो नई टंकी के निर्माण से शहर को लाभ ही लाभ होना है।
