जिले मे 7 मई को मतदान होना है. जिसके लिए शासन द्वारा छोटे बड़े वाहनों का अधिग्रहण रविवार को शुरू हो गया. बस और अन्य वाहनों को मिलाकर शासन द्वारा 640 वाहनों को अधिग्रहित किया जाएगा. जिसके लिए रविवार सुबह से ही अधिग्रहण होना शुरू हुआ. दोपहर तक 80 फीसदी बसों को हायर किया जा चुका था. जिससे सड़कों मे सवारी बसें काफ़ी कम संख्या मे चलीं. रायगढ़ केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड से हर रोज लगभग 80 बसें चलती हैं, मगर रविवार को यहां दोपहर तक मात्र 8 से 10 बसों का परिचलन ही हो सका. तमनार, लैलूंगा, घरघोड़ा रूट के लिए तो बसे मिल ही नहीं सकी. जिसके कारण मुसाफिर परेशान हो गए. इसी तरह
धरमजयगढ़, बरमकेला, सारंगढ की तरफ भी बसें नहीं चलीं. जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं. मुसाफिरो के पास गंतव्य तक जाने के लिए कोई अन्य विकल्प भी नहीं था. जिससे उनकी परेशानी मे और इजाफा हो गया.
धरमजयगढ़, बरमकेला, सारंगढ की तरफ भी बसें नहीं चलीं. जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं. मुसाफिरो के पास गंतव्य तक जाने के लिए कोई अन्य विकल्प भी नहीं था. जिससे उनकी परेशानी मे और इजाफा हो गया. हालांकि दोपहर तक कुछ बसों के चलने से राहत जरूर मिली. मगर दोपहर के बाद बसों के पहिये पूरी तरह से थम गए.
पोलिंग पार्टी को बूथों तक पहुंचाने व बाहर से आने वाले अर्धसैनिक बलों के लिए भी बसों की आवश्यकता हो रही है. ऐसे मे रविवार से स्कूल बस, सवारी बसों के साथ अन्य छोटे वाहनों को अधिग्रहण किया गया. ये सिलसिला 8 मई तक चलेगा. चुनाव 7 मई को है. मगर चुनाव सम्पन्न होने के बाद पोलिंग दलों को वापस लाया जाएगा. जिसके चलते 8 मई को भी बस नहीं चल पाएंगी. इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ेगी.
