कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शिक्षा विभाग को दिए निर्देश, कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और मेधावियों को मेरिट सूची तक पहुंचाने पर जोर।

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने और मेधावी विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिसंबर 2026 तक पाठ्यक्रम पूरा करने की कार्ययोजना बनाने और विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति के लिए पर्याप्त समय देने पर जोर दिया।
त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों की होगी समीक्षा
मंगलवार को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की त्रैमासिक परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर और अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति के आधार पर आगे की तैयारी की योजना बनाई जाए, ताकि उनकी कमजोरियों को दूर कर परीक्षा परिणामों में सुधार किया जा सके।
कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं
कलेक्टर ने कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ऐसे विद्यार्थियों के लिए मेंटर शिक्षक नियुक्त करने, अतिरिक्त रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने और महत्वपूर्ण प्रश्नों का नियमित अभ्यास कराने को कहा गया है। इसके साथ ही यूनिट टेस्ट नियमित रूप से आयोजित करने और उनके परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया गया।
मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट सूची तक पहुंचाने की तैयारी
बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने के लिए मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। उद्देश्य विद्यार्थियों की तैयारी को और बेहतर बनाना तथा उन्हें राज्य स्तरीय मेरिट सूची में स्थान हासिल करने के लिए तैयार करना है। कलेक्टर ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की क्षमता के अनुसार विशेष मार्गदर्शन देने पर जोर दिया।
दिसंबर 2026 तक पूरा करना होगा पाठ्यक्रम
कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में दिसंबर 2026 तक पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं से पहले पूरे पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति करने और महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। अधिकारियों और स्कूल संस्था प्रमुखों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों की समस्याओं पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने शिक्षकों को विद्या समीक्षा केंद्र से संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। विद्यार्थियों की समस्याओं और शंकाओं का त्वरित समाधान करने के लिए व्हाट्सएप चैट ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पढ़ाई से जुड़ी कठिनाइयों को समय पर दूर किया जा सके।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को शैक्षणिक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर कमजोर विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार लाने और मेधावी विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए तैयार करने पर है।
