
आम पब्लिक पर कार्रवाई का डंडा चलाने वाली नगर निगम आज तक अपैक्स अस्पताल पर सख्ती नहीं बरत सकी है. असल मे कार्रवाई को निगम की मानसिकता ही नहीं है. जिससे अस्पताल प्रबंधन की मनमानी जारी है. एक माह पहले

यानी बीते 20 मार्च को नगर निगम ने राजप्रिय और अपैक्स हॉस्पिटल को नोटिस थमाया था. तब नगर निगम का आरोप था कि इन दोनों अस्पतालो ने बायो मेडिकल वेस्टेज को डंपिंग यार्ड मे फेंका था. लिहाजा नगर निगम ने सबूत के साथ ये कार्रवाई की थी. मगर उस समय निगम की कार्रवाई महज खानापूर्ति थी. ऐसे मे दोनों अस्पतालो ने निगम के नोटिस का जवाब नहीं दिया. इतना ही नहीं अस्पतालो ने पेनाल्टी भी नहीं भरा. अस्पतालो के ऐसे रवैये से नगर निगम की लापरवाही साफतौर पर झलक रही है. हालांकि निगम के अधिकारी का कहना है कि इस मामले मे कार्रवाई जारी है.
बायो मेडिकल वेस्टेज को खुले मे डंप करना अपराध की श्रेणी मे आता है. मगर रायगढ़ के दो बड़े निजी अस्पताल इस अपराध से बेखौफ़ होकर डंपिंग यार्ड मे वेस्टेज फेंके थे. जिनके खिलाफ नगर निगम ने एक महीने पहले एक्शन लिया था. लेकिन एक्शन लेने के बाद नगर निगम पेनाल्टी लेना भूल गया.
