अमित शाह की राहुल गांधी को चुनौती, बोले- संसद चलने दीजिए, SIR पर दो-दो हाथ कर लेते हैं

रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में गृह मंत्री ने विपक्ष को संसद के विशेष सत्र में बहस की चुनौती दी। नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर भी साधा निशाना।

Highlights

  • SIR पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार सरकार: अमित शाह
  • राहुल गांधी को बहस की चुनौती, बोले- देश को पता चल जाएगा सच कौन बोल रहा
  • कांग्रेस पर नक्सलवाद का समर्थन करने का लगाया आरोप
  • बोले- नक्सलवाद ने आदिवासी बच्चों का बचपन छीना
  • मानवाधिकार के मुद्दे पर भी विपक्ष से पूछे सवाल

SIR पर संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार सरकार

रायपुर में राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। शाह ने विपक्ष से बहस में शामिल होने की अपील करते हुए राहुल गांधी को सीधे चुनौती दी।

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी में हिम्मत है तो आइए। संसद चलने दीजिए, दो-दो हाथ करने दीजिए। देश की जनता को मालूम चल जाएगा कि सच कौन है और झूठ कौन।”

राहुल गांधी पर साधा निशाना

अमित शाह ने कहा कि केवल हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होता, बल्कि आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में चर्चा होने दी जानी चाहिए, ताकि देश की जनता के सामने सच्चाई आ सके।

शाह ने हाल ही में विपक्ष की ओर से आयोजित नकली संसद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए असली संसद का मजाक उड़ाया गया और वहां चर्चा का नाटक किया गया।

कांग्रेस पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप

गृह मंत्री ने कांग्रेस पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने वर्ष 2010 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम के नक्सलियों से बातचीत और गोलीबारी रोकने संबंधी बयान का जिक्र किया।

शाह ने कहा कि हिंसा इस तरह नहीं रुकती। जो लोग आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, उन्हें हथियार डालकर मुख्यधारा में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाएगी, अन्यथा सुरक्षा बल मुकाबला करेंगे।

आदिवासियों के मानवाधिकार पर उठाए सवाल

अमित शाह ने नक्सलवाद का समर्थन करने वालों और मानवाधिकारों के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों से सवाल किया कि क्या हथियार उठाकर विकास रोकना मानवाधिकार है? उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों के भी मानवाधिकार हैं और उनके विकास तथा सुरक्षा की चिंता की जानी चाहिए।

बोले- नक्सलवाद ने बच्चों का बचपन छीना

बस्तर का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिस क्षेत्र में सांस्कृतिक गलियारा होना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बना दिया गया। जिन जंगलों की पहचान महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों से होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछा दी गईं।

उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद के कारण बच्चों के हाथों से कलम छीनकर उन्हें बंदूक थमाई गई। स्कूलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि यही सुविधाएं क्षेत्र के विकास का आधार बन सकती थीं।

राज्योत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें पीपल का प्रतीक भेंट किया।

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