कुसमुंडा और मोरगा क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहनों ने ली चार लोगों की जान, औद्योगिक जिले में यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल
कोरबा। जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 24 घंटे के भीतर तीन दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत ने यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक और कोयला परिवहन क्षेत्र होने के कारण कोरबा की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव अधिक रहता है। इसके बावजूद तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते लगातार हादसे हो रहे हैं।

कुसमुंडा-गेवरा मार्ग पर एक्टिवा और बाइक की टक्कर
पहला हादसा बुधवार सुबह कुसमुंडा थाना क्षेत्र के कुसमुंडा-गेवरा मुख्य मार्ग पर हुआ। यहां एक्टिवा और बाइक के बीच टक्कर हो गई। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर क्रमांक CG 12 AS 3431 ने बाइक सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक्टिवा सवार युवती दूर जा गिरी और उसकी भी जान चली गई। मृतकों की पहचान दीपका बस्ती निवासी सीमा पटेल, पिता विक्रम पटेल और दादरकला भैसमा निवासी संजय कुमार, पिता भागवत सिंह के रूप में हुई है।
सीमा कोरबा के एक निजी बैंक में काम करती थीं और दीपका से ड्यूटी पर जा रही थीं। वहीं संजय दीपका की एक निजी कंपनी में वाहन चालक थे। वे भी काम पर जा रहे थे। हादसे के बाद कुसमुंडा पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोरगा बस स्टैंड के पास ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर
दूसरी घटना बुधवार सुबह करीब 11 बजे मोरगा चौकी क्षेत्र के बस स्टैंड के पास हुई। ग्राम बोटपाल निवासी बुधवार सिंह बिंझवार (26) और मोहन धनवार (20) बाइक क्रमांक CG 12 AM 6285 से किसी काम से मोरगा आए थे। काम निपटाकर दोनों घर लौट रहे थे, तभी महाराष्ट्र के नासिक से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक MH 18 BH 3377 ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
इस दुर्घटना में बुधवार सिंह बिंझवार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल मोहन धनवार ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही मोरगा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाकारित ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

भारी वाहनों का दबाव, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कोरबा में औद्योगिक गतिविधियों और कोयला परिवहन के कारण भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन रही है। 24 घंटे के भीतर हुई दुर्घटनाओं ने एक बार फिर भारी वाहनों की गति और यातायात नियमों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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