दीपावली से पहले रायगढ़ के बाजारों में फीकी रौनक, ग्राहकों का इंतजार कर रहे व्यापारी

कपड़ा, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में सुस्ती से दुकानदार परेशान, ऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई का बिक्री पर असर; आखिरी चार दिनों में बाजार गुलजार होने की उम्मीद।

रायगढ़ दीपावली बाजार
रायगढ़ दीपावली बाजार

Highlights

  • दीपावली नजदीक, लेकिन रायगढ़ के बाजारों में ग्राहकों की कमी।
  • कपड़ा, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में सुस्ती।
  • ऑनलाइन शॉपिंग और महंगाई को मंदी की प्रमुख वजह बता रहे व्यापारी।
  • स्थानीय दुकानदारों ने ग्राहकों से बाजार में खरीदारी की अपील की।
  • आखिरी चार दिनों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद।

दीपावली नजदीक, फिर भी बाजारों में रौनक गायब

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी का दौर शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार रायगढ़ के बाजारों में त्योहार जैसी रौनक नजर नहीं आ रही है। दुकानों में दीपावली के लिए नए सामान और आकर्षक वैरायटी सजाकर रखी गई है, इसके बावजूद ग्राहक उम्मीद के मुताबिक खरीदारी करने नहीं पहुंच रहे हैं। आमतौर पर दीपावली से पहले बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन इस बार कारोबारियों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है।

कपड़ा, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार प्रभावित

बाजार में सबसे ज्यादा असर कपड़ा कारोबार में देखने को मिल रहा है। इसके अलावा मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में भी ग्राहकों की आवाजाही कम है। व्यापारियों के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता चलन, महंगाई और टैक्स का असर स्थानीय बाजारों की बिक्री पर पड़ रहा है।

ऑनलाइन शॉपिंग बनी स्थानीय कारोबार के लिए चुनौती

व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक अब मोबाइल से लेकर कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की खरीदारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कर रहे हैं। वहां मिलने वाले ऑफर्स और डिस्काउंट ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों के सामने कारोबार बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

हालांकि, व्यापारियों का मानना है कि स्थानीय दुकानों से खरीदारी के अपने फायदे हैं। ग्राहक सामान को सामने देखकर उसकी गुणवत्ता परख सकते हैं। इसके साथ ही वारंटी, सर्विस और खरीदारी के बाद दुकानदार से सीधे संपर्क की सुविधा भी मिलती है। व्यापारियों ने लोगों से स्थानीय बाजारों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

आखिरी चार दिनों पर टिकी कारोबारियों की उम्मीदें

दीपावली से पहले अब व्यापारियों की उम्मीदें आखिरी चार दिनों पर टिकी हुई हैं। उनका मानना है कि एक से पांच तारीख के बीच नौकरीपेशा लोगों का वेतन आने के बाद बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है। ऐसे में दुकानदारों को ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने और कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव के बीच स्थानीय बाजारों को ग्राहकों तक अपनी पहुंच मजबूत करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

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