राज्योत्सव 2026 के पोस्टर में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर विवाद, रायगढ़ में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने किया पुतला दहन

छत्तीसगढ़ महतारी विवाद को लेकर रायगढ़ में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का विरोध प्रदर्शन

पोस्टर से पारंपरिक तस्वीर गायब होने और बाद में एआई जनरेटेड तस्वीर लगाए जाने पर भड़के कार्यकर्ता, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के खिलाफ जताया विरोध

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के पोस्टर और बैनर में छत्तीसगढ़ महतारी की पारंपरिक तस्वीर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पोस्टर से पारंपरिक तस्वीर गायब होने और बाद में उसकी जगह एआई जनरेटेड तस्वीर लगाए जाने से नाराज जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को रायगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।

पोस्टर और बैनर में तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद

दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के पोस्टर और बैनर में छत्तीसगढ़ महतारी की पारंपरिक तस्वीर नहीं होने और उसकी जगह नेताओं की बड़ी तस्वीरें लगाए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इस मामले में विरोध बढ़ने के बाद छत्तीसगढ़ महतारी की एआई जनरेटेड अलग तस्वीर लगाए जाने पर भी सवाल उठाए गए।

छत्तीसगढ़ महतारी विवाद को लेकर रायगढ़ में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का विरोध प्रदर्शन
राज्योत्सव 2026 के पोस्टर में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर को लेकर रायगढ़ में प्रदर्शन करते जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ता।

इसी मुद्दे को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रायगढ़ में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान, प्रदेश की संस्कृति और छत्तीसगढ़िया अस्मिता का मुद्दा उठाते हुए जमकर नारेबाजी की।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री का पुतला दहन कर जताया विरोध

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल का पुतला दहन किया। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा। पुलिस ने पुतला दहन रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज करा दिया।

कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और छत्तीसगढ़िया लोगों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना था कि राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को उचित स्थान मिलना चाहिए।

छत्तीसगढ़ महतारी को बताया प्रदेश की अस्मिता का प्रतीक

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी केवल एक तस्वीर नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की पहचान, संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक हैं। ऐसे में राज्योत्सव जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के पोस्टर और बैनर में उनकी पारंपरिक तस्वीर को नजरअंदाज किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यकर्ताओं ने इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए छत्तीसगढ़ महतारी के पारंपरिक स्वरूप और सम्मान को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

यह खबर भी पढ़ें : 23वें दिन भी जारी पटवारियों की हड़ताल, काले कपड़े पहनकर रायगढ़ में जलाईं आदेश की प्रतियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *