राज्य स्थापना दिवस पर पुजेरीपाली में हुआ साहित्यिक आयोजन, हिंदी, छत्तीसगढ़ी और स्थानीय बोली की कविताओं ने श्रोताओं का मन मोहा

Highlights
- छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर पुजेरीपाली में साहित्यिक कार्यक्रम।
- लेखक जुगल किशोर अग्रवाल की पुस्तक ‘सरिया की वह शाम’ का विमोचन।
- लेखक को शॉल और श्रीफल भेंटकर किया गया सम्मानित।
- सारस्वत काव्य संध्या में कवियों ने विविध रसों की रचनाएं प्रस्तुत कीं।
पूरी खबर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सरिया क्षेत्र के पुजेरीपाली में साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत माता पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में लेखक जुगल किशोर अग्रवाल की पुस्तक ‘सरिया की वह शाम’ का विमोचन किया गया। इसके साथ ही आयोजित सारस्वत काव्य संध्या में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।
पुस्तक में झलकी सरिया अंचल की सांस्कृतिक पहचान
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि यह कृति सरिया अंचल की सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक चेतना का दस्तावेज है। इसमें स्थानीय जनजीवन, परंपराओं, प्रेम और मानवीय संवेदनाओं को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
इस अवसर पर लेखक जुगल किशोर अग्रवाल को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। विशिष्ट अतिथियों ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए लेखकों और कवियों से अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
काव्य संध्या में देशभक्ति और हास्य की कविताओं ने बांधा समां
पुस्तक विमोचन के बाद सारस्वत काव्य संध्या आयोजित की गई। वाणी वंदना से शुरू हुई इस संध्या में हिंदी, छत्तीसगढ़ी और स्थानीय बोली की रचनाएं प्रस्तुत की गईं।
कवियों ने देशभक्ति, श्रृंगार, हास्य और वीर रस की कविताओं से श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा। कार्यक्रम में साहित्यकारों के साथ बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।













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