कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम ने धनागर-बनसिया गांव में किया निरीक्षण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान पर मिल सकेगी क्षतिपूर्ति

Highlights
- चक्रवात अर्नब और बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का आकलन शुरू।
- कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीम ने धनागर और बनसिया का किया दौरा।
- किसानों को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देने की सलाह।
- सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर क्षति निर्धारक नियुक्त होंगे।
- सर्वे पूरा होने के बाद 15 दिनों में मुआवजा भुगतान का प्रावधान।
धनागर और बनसिया में फसल नुकसान का निरीक्षण
चक्रवात अर्नब और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के बाद प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को कृषि विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम ने रायगढ़ जिले के ग्राम धनागर और बनसिया पहुंचकर खेतों में फसल क्षति का जायजा लिया। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर नुकसान की जानकारी ली और फसल बीमा योजना के प्रावधानों से अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी उप संचालक कृषि ने किसानों को बताया कि चक्रवात, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना जरूरी है।
72 घंटे के भीतर देनी होगी नुकसान की सूचना
अधिकारियों ने बताया कि किसान फसल नुकसान की सूचना टोल फ्री नंबर, हेल्पलाइन या संबंधित पोर्टल के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। समय सीमा के भीतर शिकायत दर्ज कराने से नुकसान के आकलन और बीमा दावा प्रक्रिया में मदद मिलेगी।
फसल कटाई के बाद हुए नुकसान पर भी मिलेगा लाभ
अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए फैलाकर रखी गई या बंडलों में रखी गई अधिसूचित फसल को चक्रवात अथवा बेमौसम बारिश से नुकसान पहुंचने पर भी नियमानुसार बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सकता है।
इस प्रावधान के तहत किसानों को फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान के लिए भी बीमा सुरक्षा उपलब्ध है।
48 घंटे में नियुक्त होंगे क्षति निर्धारक
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नुकसान की सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर क्षति निर्धारक नियुक्त किए जाएंगे। इसके बाद 10 दिनों के भीतर सर्वे पूरा करने का प्रावधान है। प्रक्रिया पूरी होने के 15 दिनों के भीतर नियमानुसार मुआवजे की राशि किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
अधिकारियों ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि फसल नुकसान की जानकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर बीमा कंपनी को जरूर दें, ताकि उन्हें योजना के तहत मिलने वाली राहत का लाभ मिल सके।













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