उपशीर्षक: छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना के तत्वावधान में 1 नवंबर को मिनी माता चौक और कलेक्टर परिसर स्थित महतारी चौरा में महाआरती का आयोजन किया गया। महिलाओं ने दीप प्रज्वलित कर छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया।

रायगढ़। राज्य स्थापना दिवस पर छत्तीसगढ़ महतारी की भव्य महाआरती का आयोजन
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रायगढ़ में छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। 1 नवंबर को छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा धारण कर दीप प्रज्वलित किए और छत्तीसगढ़ महतारी की आरती उतारी। पूरे आयोजन में प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक अस्मिता की सुंदर झलक देखने को मिली। दीपों की रोशनी और सामूहिक आरती से वातावरण भक्तिमय और उत्सवमय हो उठा।
मिनी माता चौक में सुबह 10:30 बजे हुई महाआरती
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे मिनी माता चौक से हुई। यहां छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना से जुड़ी महिलाएं एकत्रित हुईं और विधि-विधान के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की महाआरती की।
इस अवसर पर रायगढ़ शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान में कार्यक्रम में भाग लिया। महिलाएं अपने साथ आरती की थालियां लेकर पहुंचीं और दीप प्रज्वलित कर छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।
महतारी चौरा में भी श्रद्धाभाव से संपन्न हुई महाआरती
मिनी माता चौक में आयोजन के बाद दोपहर 12 बजे कलेक्टर परिसर स्थित महतारी चौरा में भी महाआरती का आयोजन किया गया। यहां महिलाओं ने विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की आराधना की।
पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। इस दौरान दीपों की रोशनी और आरती के साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।
छोटे बच्चों की भी छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतीक स्वरूप हुई आरती
आयोजन में महिलाओं के साथ छोटे बच्चों की भी सहभागिता देखने को मिली। बच्चों की छत्तीसगढ़ महतारी के प्रतीक स्वरूप आरती की गई। इससे कार्यक्रम में पारंपरिक और सांस्कृतिक भावनाओं के साथ नई पीढ़ी को प्रदेश की विरासत से जोड़ने का संदेश भी देखने को मिला।
कार्यक्रम में महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। सामूहिक आरती के दौरान छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पहचान के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट नजर आया।
लोकसंस्कृति और छत्तीसगढ़ी अस्मिता को सहेजने का संदेश
छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने के साथ प्रदेश की लोकसंस्कृति, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का संदेश देना रहा।
आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता के संरक्षण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके जुड़ाव को प्रदर्शित किया।

प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह महाआरती कार्यक्रम छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित रहा। आरती के माध्यम से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना, जिला रायगढ़ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा, सामूहिक आरती और दीप प्रज्वलन के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सम्मानित किया गया।
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