उपशीर्षक: धनतेरस और दीपावली से पहले रविवार को पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बना। सुबह से ही सोने-चांदी की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। पिछले दो महीनों की तुलना में चांदी के भाव में करीब 25 प्रतिशत और सोने की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट ने भी खरीदारी का उत्साह बढ़ाया।

रायगढ़। पुष्य नक्षत्र पर सराफा बाजार में दिखी रौनक, सुबह से पहुंचने लगे ग्राहक
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में धनतेरस और दीपावली से पहले रविवार को पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग का असर सराफा बाजार में देखने को मिला। सोने-चांदी की खरीदारी के लिए सुबह से ही दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई थी। दिनभर बाजार में चहल-पहल बनी रही और सराफा बाजार गुलजार नजर आया।
त्योहारी सीजन में पुष्य नक्षत्र को सोने-चांदी की खरीदारी के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इस बार शुभ मुहूर्त के साथ-साथ पिछले दो महीनों की तुलना में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने भी ग्राहकों को खरीदारी के लिए आकर्षित किया। बाजार में महिलाओं और परिवारों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
पुष्य नक्षत्र पर सोना-चांदी खरीदना माना जाता है शुभ
हिंदू धर्म में पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी, आभूषण और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
यही वजह है कि धनतेरस और दीपावली से पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र का कारोबारियों और ग्राहकों दोनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। रविवार को भी इसी परंपरा के चलते बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए सराफा बाजार पहुंचे।
किसी ने परिवार के लिए सोने के आभूषण पसंद किए तो किसी ने चांदी के सिक्के और अन्य वस्तुओं की खरीदारी की। त्योहार को देखते हुए बाजार में दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।

सोने में 10 प्रतिशत और चांदी में 25 प्रतिशत तक आई गिरावट
इस बार पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी के उत्साह की एक बड़ी वजह सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट भी रही। उपलब्ध बाजार जानकारी के अनुसार, पिछले दो महीनों की तुलना में चांदी के भाव में करीब 25 प्रतिशत और सोने की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक कमी आई है।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण जो ग्राहक पहले खरीदारी टाल रहे थे, उन्हें अब अपेक्षाकृत कम कीमतों पर सोना-चांदी खरीदने का अवसर मिला है।
ऐसे में कई ग्राहकों ने पुष्य नक्षत्र को केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि खरीदारी के लिहाज से भी अच्छा मौका माना। कीमतों में आई कमी का असर बाजार की रौनक में भी देखने को मिला।
सोने के आभूषणों के साथ चांदी के सिक्कों की भी मांग
पुष्य नक्षत्र के अवसर पर सराफा बाजार में अलग-अलग तरह के आभूषणों और वस्तुओं की खरीदारी देखने को मिली। कई ग्राहक सोने के गहने खरीदने पहुंचे, वहीं चांदी के सिक्कों और अन्य उपयोगी वस्तुओं की मांग भी बनी रही।
त्योहारी सीजन में सोने-चांदी के आभूषणों के अलावा उपहार में दी जाने वाली वस्तुओं की खरीदारी भी बाजार के कारोबार को बढ़ावा दे रही है। दुकानों में परिवारों और महिलाओं की मौजूदगी से कारोबारियों में भी उत्साह देखने को मिला।
अब धनतेरस पर टिकी कारोबारियों की नजर
पुष्य नक्षत्र पर ग्राहकों की अच्छी आवाजाही के बाद अब सराफा कारोबारियों की नजर धनतेरस पर टिकी हुई है। मान्यता और परंपरा के अनुसार धनतेरस के दिन सोने-चांदी की खरीदारी का विशेष महत्व होता है।
ऐसे में पुष्य नक्षत्र पर बाजार को मिली अच्छी प्रतिक्रिया से कारोबारियों को उम्मीद है कि धनतेरस पर भी सराफा बाजार में ग्राहकों की अच्छी भीड़ उमड़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी।
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