रायगढ़ में 100 साल पुराने मां शीतला दाई मंदिर का जीर्णोद्धार, नवरात्रि में नए स्वरूप में सजा दरबार

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रायगढ़। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर रायगढ़ के इतवारी बाजार रोड किनारे स्थित मां शीतला दाई का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। नीम के पेड़ के नीचे विराजित माता का यह दरबार सौ साल से भी अधिक पुराना बताया जाता है। भक्त सतीश बड़ालिया द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराए जाने के बाद अब यह नए और भव्य स्वरूप में नजर आ रहा है। नवरात्रि के दौरान यहां ज्योति कलश प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। भजन-कीर्तन के बीच रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

जीर्णोद्धार के बाद बदला मंदिर का स्वरूप

शहर के इतवारी बाजार रोड पर स्थित मां शीतला दाई का मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। पहले मंदिर का स्वरूप काफी छोटा था और सीमित स्थान में ही श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना करते थे। समय के साथ मंदिर के स्वरूप में बदलाव आता रहा, लेकिन माता के प्रति भक्तों की आस्था बनी रही। माता के भक्त सतीश बड़ालिया ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराकर इसे नया स्वरूप प्रदान किया है। नवीनीकरण के बाद मंदिर पहले से अधिक सुंदर और आकर्षक नजर आ रहा है। इस नवरात्रि में मंदिर का बदला हुआ स्वरूप श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। भक्त माता के दर्शन करने के साथ पूजा-अर्चना में शामिल होकर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

दो नीम के पेड़ों से जुड़ी है मंदिर की मान्यता

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जिस स्थान पर आज मां शीतला दाई विराजमान हैं, वहां पहले दो नीम के पेड़ हुआ करते थे। बताया जाता है कि एक दिन अचानक एक नीम के पेड़ में आग लग गई और वह जल गया, जबकि दूसरा पेड़ सुरक्षित रहा। इसी दौरान वहां से दो विशालकाय सांप निकले और उसी स्थान पर बैठ गए। इस घटना के बाद एक यादव परिवार ने यहां पूजा-अर्चना शुरू की। धीरे-धीरे यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया और माता की आराधना की परंपरा आगे बढ़ती गई। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना से जुड़ी मान्यताएं आज भी प्रचलित हैं।

वर्ष 1965 में स्थापित हुई थी माता की प्रतिमा

मंदिर से जुड़ी जानकारी के अनुसार, वर्ष 1965 में यहां मां शीतला की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद नियमित रूप से पूजा-अर्चना होने लगी। वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं के कारण यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आस्था स्थल बना हुआ है। नवरात्रि के दौरान यहां ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं और माता की विशेष पूजा की जाती है। भजन-कीर्तन के माध्यम से भक्तिमय माहौल बनाया जाता है। पुराने धार्मिक इतिहास और नए भव्य स्वरूप के संगम ने इस नवरात्रि मां शीतला दाई के दरबार को श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बना दिया है।

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