मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारी शुरू, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायगढ़ कलेक्ट्रेट के सृजन कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और नाम-पते में संशोधन की प्रक्रिया समझाई गई।

रायगढ़ मतदाता सूची पुनरीक्षण
रायगढ़ मतदाता सूची पुनरीक्षण

Highlights

  • जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारी शुरू।
  • कलेक्ट्रेट के सृजन कक्ष में आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के जुड़ेंगे नाम।
  • मृत मतदाताओं के नाम नियमानुसार सूची से हटाए जाएंगे।
  • मतदाता सूची की त्रुटियां दूर कर बनाया जाएगा अद्यतन रिकॉर्ड।

मतदाता सूची पुनरीक्षण की तैयारी शुरू

रायगढ़ जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसएसआर की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित सृजन कक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मास्टर ट्रेनर्स ने अधिकारियों और कर्मचारियों को पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की समझाई प्रक्रिया

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में किस तरह शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने और पात्र मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए निर्धारित नियमों की जानकारी दी गई।

मृत मतदाताओं के नाम हटेंगे, गलतियों में होगा सुधार

मास्टर ट्रेनर्स ने मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया भी समझाई। इसके तहत जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम नियमानुसार सूची से हटाए जाएंगे। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरणों में गलती होने पर संशोधन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि नए नाम जोड़ने और अपात्र नामों को हटाने के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करें।

पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने पर जोर

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है। इससे पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के साथ गलत और अपात्र प्रविष्टियों को सुधारने में मदद मिलेगी। निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

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