चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी लूटने वाले मुख्य आरोपी शनि केंवट तक पहुंची पुलिस, लूटे गए मोबाइल की खरीद-बिक्री में शामिल पांच अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
मोबाइल में दूसरे सिम कार्ड से खुला राज, लूट की रकम से खरीदा गया Samsung A36 भी जब्त; एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चोरी और लूट की संपत्ति नहीं खरीदने की दी चेतावनी
रायगढ़।
जूटमिल पुलिस ने ट्रेलर चालक से चाकू की नोक पर मोबाइल और नकदी लूटने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने के आरोप में शनि केंवट सहित लूटे गए मोबाइल की खरीद-बिक्री में शामिल पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस तरह मामले में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस ने लूटे गए POCO M7 मोबाइल की जांच के दौरान उसमें इस्तेमाल हो रहे दूसरे सिम कार्ड के जरिए आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची। कार्रवाई के दौरान लूटा गया मोबाइल और लूट की रकम से खरीदा गया Samsung A36 मोबाइल भी जब्त किया गया है।
चाकू दिखाकर ट्रेलर चालक से लूटा था मोबाइल और नकदी
मामले के अनुसार, प्रार्थी दीपक कुमार, पिता लालदेव राम, उम्र 29 वर्ष, निवासी कृष्णवाटिका बोईरदादर, थाना चक्रधर नगर, जिला रायगढ़ ने 14 अक्टूबर 2026 को थाना जूटमिल में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि 10 अक्टूबर 2026 को वह ट्रेलर क्रमांक CG 13 AS 9699 में झारसुगुड़ा से कोयला लोड कर तमनार जा रहा था। इसी दौरान सुबह करीब 5 बजे अमलीभौना स्थित शीला पेट्रोल पंप के पास तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोक लिया।
आरोपियों ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसका मोबाइल फोन तथा 200 रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 642/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 651(3), 309(1) और 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
मोबाइल में दूसरे सिम कार्ड से खुला राज
लूट के मामले की जांच के दौरान जूटमिल पुलिस ने लूटे गए POCO M7 मोबाइल की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि मोबाइल में दूसरा सिम कार्ड इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने सिम नंबर की जानकारी जुटाई तो वह मोबाइल दुकान संचालक नीरज परियानी के नाम पर पंजीकृत मिला।
पुलिस ने नीरज परियानी से पूछताछ की। उसने बताया कि उसकी दुकान में काम करने वाले भुवन निषाद ने मोबाइल लाकर बेचा था और उसने इसे खरीद लिया था। इसके बाद पुलिस ने भुवन निषाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने मोबाइल रोहित दुलेवाले से खरीदने की जानकारी दी।
पुलिस ने रोहित दुलेवाले से पूछताछ की तो उसने मोबाइल संजय कुमार सिंह से खरीदना बताया। संजय कुमार सिंह ने मोबाइल आकाश डेविड से खरीदने की बात कही, जबकि आकाश डेविड ने इसे शनि केंवट से खरीदने की जानकारी दी।
इस प्रकार मोबाइल की खरीद-बिक्री से जुड़ी एक-एक कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस लूट की वारदात के मुख्य आरोपी शनि केंवट तक पहुंच गई।
शनि केंवट ने साथियों के साथ मिलकर की थी लूट
पुलिस के अनुसार, आरोपी शनि केंवट निवासी नाकाडेरा, एफसीआई गोदाम के पास, थाना जूटमिल ने पूछताछ में अपने दो साथियों के साथ मिलकर ट्रेलर चालक से मोबाइल लूटने की बात स्वीकार की।
आरोपी ने बताया कि घटना के दिन उसने साथियों के साथ मिलकर चालक का POCO M7 मोबाइल लूटा था। इसके बाद लूटे गए मोबाइल को आकाश डेविड के पास 3,000 रुपये में बेच दिया था।
विवेचना के दौरान प्रशिक्षु उप निरीक्षक एवं प्रभारी थाना जूटमिल दिव्या बंजारे ने प्रार्थी दीपक कुमार से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी शनि केंवट की शिनाख्तगी कराई। पुलिस ने लूटा गया POCO कंपनी का M7 मॉडल मोबाइल भी जब्त कर लिया।
लूट के मोबाइल की रकम से खरीदा Samsung A36
जांच के दौरान आरोपी भुवन निषाद ने लूटे गए मोबाइल को बेचने और उससे प्राप्त रकम से Samsung A36 मोबाइल खरीदने की जानकारी दी। पुलिस ने इस मोबाइल को भी गवाहों के समक्ष जब्त किया है।
विवेचना में नीरज परियानी, भुवन निषाद, रोहित दुलेवाले, संजय कुमार सिंह और आकाश डेविड द्वारा चोरी या लूट की संपत्ति होने की जानकारी के बावजूद मोबाइल खरीदने का मामला सामने आया। इसके बाद प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) विस्तारित की गई।
जूटमिल पुलिस ने लूट की वारदात के मुख्य आरोपी शनि केंवट सहित लूट की संपत्ति खरीदने के आरोप में पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में गिरफ्तार सभी छह आरोपियों को रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह की सख्त चेतावनी
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने चोरी और लूट की संपत्ति खरीदने वालों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि ऐसे लोग भी कानूनी कार्रवाई से नहीं बच सकते। चंद रुपयों के लालच में अपराधियों से सामान खरीदना भारी पड़ सकता है और ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने पर जेल जाना पड़ सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी या लूट की संपत्ति खरीदने वालों पर भी पुलिस की नजर है। अपराध से जुड़ी प्रत्येक कड़ी की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जूटमिल पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि लूट या चोरी की संपत्ति खरीदना भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी से लेकर मोबाइल की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों तक पहुंचकर कार्रवाई की है।