महादेव सट्टा ऐप केस: सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर सवाल, CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुआ महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का आरोपी; बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी को बताया अवैध, CBI ने जब्त किया कथित फर्जी पासपोर्ट।

मुख्य बातें

  • महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया।
  • CBI ने कोर्ट से सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड मांगी।
  • बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए, जबकि CBI ने नए आदेश के तहत कार्रवाई की बात कही।
  • CBI ने सौरभ चंद्राकर का कथित फर्जी पासपोर्ट जब्त किया।
  • ED के मुताबिक, फरवरी 2023 में यूएई में हुई शादी पर करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए जाने का आरोप है।
सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर कोर्ट में बहस

नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत से उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगी है। मामले में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए, जबकि CBI ने अपनी कार्रवाई को नए आदेश के तहत बताया। इस दौरान जांच एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर का कथित फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किया।

सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि जब भारत सरकार ने ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी थी, तो CBI ने किस आधार पर उसे गिरफ्तार किया?

इसके जवाब में CBI ने कहा कि बचाव पक्ष जिस पुराने आदेश का हवाला दे रहा है, वह पहले का आदेश है। एजेंसी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे, लंच के बाद निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई।

सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर

भिलाई की जूस दुकान से ऑनलाइन सट्टा कारोबार तक का सफर

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे और सौरभ की एक जूस की दुकान थी। बताया जाता है कि उसने अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी का कारोबार शुरू किया।

बाद में दोनों ने ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए कारोबार का विस्तार किया। वर्ष 2019 में सौरभ दुबई चला गया, जहां से उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया। इसके बाद उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उप्पल को भी कारोबार में शामिल होने के लिए दुबई बुलाया।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी का नेटवर्क बढ़ने के साथ महादेव ऐप चर्चा में आया। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन और कथित अवैध गतिविधियों की जांच की।

दुबई में कारोबार और हवाला नेटवर्क के आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर कथित हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि नए यूजर्स और फ्रेंचाइजी यानी पैनल लेने के इच्छुक लोगों को आकर्षित करने के लिए भारत में नकद खर्च कर सट्टेबाजी वेबसाइटों का प्रचार किया जाता था।

ED के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपने कारोबार का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। इन आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई है।

सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर

शादी में 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप

ED के अनुसार, फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने UAE के रास अल खैमाह (RAK) में शादी की थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस समारोह पर महादेव ऐप के प्रमोटरों ने करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए।

बताया गया कि परिवार के सदस्यों को नागपुर से UAE ले जाने के लिए निजी जेट किराए पर लिए गए थे। शादी के आयोजन के लिए मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर और डेकोरेटर भी बुलाए गए थे। ED के आरोपों के मुताबिक, भुगतान के लिए कथित तौर पर हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया।

एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दावा किया था कि योगेश पोपट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए करीब 112 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा, लगभग 42 करोड़ रुपये की होटल बुकिंग का भुगतान UAE की मुद्रा दिरहम में नकद किए जाने का आरोप है।

महादेव ऐप में हिस्सेदारी को लेकर क्या दावा?

महादेव बुक सट्टा ऐप के नेटवर्क में हिस्सेदारी को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के पास 50 प्रतिशत, रवि उप्पल के पास 25 प्रतिशत, शुभम सोनी के पास 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल के पास 15 प्रतिशत हिस्सेदारी होने का दावा किया गया है।

इस मामले में कई प्राथमिकी दर्ज होने और बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध विवरण में 70 FIR और 300 से अधिक गिरफ्तारियों का उल्लेख है। हालांकि, इन आंकड़ों की मौजूदा स्थिति और अलग-अलग मामलों में आरोपों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि की जानी चाहिए।

मामले में आगे क्या होगा?

फिलहाल, अदालत में मुख्य सवाल सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की वैधता और CBI की ओर से मांगी गई ट्रांजिट रिमांड से जुड़ा है। अदालत की सुनवाई और आदेश के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी। मामले में लगे आरोपों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

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