सक्ती: महिला हत्याकांड का 6 दिन बाद खुलासा, जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; हत्या के बाद से था फरार

सक्ती के ग्राम कैथा महिला हत्याकांड में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कार्रवाई

हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कैथा में लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस को मिली सफलता; गाली-गलौज के विवाद में हाथ-मुक्कों और जलती लकड़ी से हमला करने का आरोप, बिलाईगढ़ के जंगल से पकड़ा गया आरोपी रंजीत धनुहार।

Highlights

  • छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के ग्राम कैथा में महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
  • मृतका की पहचान लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा के रूप में हुई है।
  • 22 अक्टूबर की रात गाली-गलौज को लेकर हुए विवाद में महिला की हत्या किए जाने का आरोप है।
  • 23 अक्टूबर की सुबह महिला का शव गांव के एक खेत में मिला था।
  • वारदात के बाद आरोपी रंजीत धनुहार छह दिनों से फरार था।
  • हसौद पुलिस ने बिलाईगढ़ क्षेत्र के जंगल में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
आरोपी को गिरफ्तार
आरोपी गिरफ्तार

सक्ती। महिला हत्याकांड में 6 दिन बाद पुलिस को मिली सफलता, बिलाईगढ़ के जंगल से आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम कैथा में हुए महिला हत्याकांड के मामले में पुलिस ने छह दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिछले छह दिनों से फरार था और जंगल में छिपकर रह रहा था।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद हसौद पुलिस की टीम ने रात में जंगल में दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान ग्राम कैथा निवासी रंजीत धनुहार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।

खेत में मिला था महिला का शव

मिली जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को ग्राम कैथा निवासी अनिल विश्वकर्मा ने हसौद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बुआ लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा का शव गांव के रामलाल कश्यप के खेत में पड़ा हुआ है।

बताया गया कि सुबह करीब 7 बजे मृतका की दो नाबालिग पोतियों ने खेत में शव देखा था। इसके बाद उन्होंने परिजनों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

गाली-गलौज के विवाद में बेरहमी से मारपीट का आरोप

पुलिस की जांच में सामने आया कि 22 अक्टूबर की रात गांव के ही रंजीत धनुहार का लक्ष्मीन बाई विश्वकर्मा के साथ गाली-गलौज की बात को लेकर विवाद हुआ था।

आरोप है कि विवाद के दौरान रंजीत ने महिला के साथ हाथ-मुक्कों और आग जलाने वाली लकड़ी से बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में गंभीर चोट लगने से लक्ष्मीन बाई की मौत हो गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

छह दिनों तक जंगल में छिपकर रह रहा था आरोपी

महिला की हत्या के बाद से ही हसौद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।

इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी ग्राम खुर्सुला-बल्किपाली, थाना बिलाईगढ़ क्षेत्र के जंगल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रात में जंगल पहुंचकर घेराबंदी की।

घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल

पुलिस ने जंगल में छिपे आरोपी रंजीत धनुहार को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे हसौद थाना लाया गया और हत्या के मामले में कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल दाखिल कर दिया गया।

छह दिनों से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही ग्राम कैथा के इस महिला हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

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