पुसौर, खरसिया और रायगढ़ विकासखंड के प्राचार्यों की बैठक में बनी रणनीति, पुराने प्रश्न बैंक और मॉडल आंसर से अभ्यास कराने के निर्देश।

रायगढ़। तिमाही परीक्षा के बाद अब विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम दिलाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को पुसौर, खरसिया और रायगढ़ विकासखंड के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा करने, पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को मेरिट सूची में स्थान दिलाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।
वार्षिक परीक्षा के लिए बनाई जाएगी रणनीति
तिमाही परीक्षा के परिणामों के बाद शिक्षा विभाग का ध्यान अब वार्षिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन पर है। बैठक में प्राचार्यों के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई के स्तर और उनकी शैक्षणिक प्रगति को लेकर चर्चा की गई। साथ ही आगामी परीक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने और नियमित अभ्यास कराने पर जोर दिया गया।
पुराने प्रश्न बैंक और मॉडल आंसर से होगा अभ्यास
बैठक के दौरान विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी मजबूत करने के लिए पुराने प्रश्न बैंक और मॉडल आंसर के माध्यम से अभ्यास कराने के सुझाव दिए गए। इससे विद्यार्थियों को प्रश्नों के स्वरूप को समझने, उत्तर लिखने का अभ्यास करने और परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्राचार्यों को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुसार पढ़ाई की योजना बनाने और परीक्षा से पहले उनकी तैयारी पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया।
कमजोर विद्यार्थियों पर भी रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की कमजोरियों की पहचान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उद्देश्य है कि जिन विषयों में विद्यार्थियों को कठिनाई हो रही है, उनमें उन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर मिल सके।
इसके साथ ही विभागीय कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों पर भी चर्चा की गई। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की तैयारी को मजबूत किया जाए, ताकि वे बेहतर अंक हासिल कर सकें।
मेरिट सूची में अधिक विद्यार्थियों को लाने का लक्ष्य
बैठक में अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को मेरिट सूची में स्थान दिलाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया। इसके लिए प्राचार्यों को परीक्षा की तैयारी की नियमित समीक्षा करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर ध्यान देने को कहा गया।
अब बैठक में तैयार की गई रणनीति और दिए गए सुझावों का स्कूलों में किस तरह क्रियान्वयन होता है, यह आगामी वार्षिक परीक्षा के परिणामों में सामने आएगा।
