रायगढ़ में लूटपाट के दौरान युवक की हत्या, जूटमिल पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा; 5 आरोपी पकड़े गए

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बिरयानी खाने के लिए पैसे जुटाने की नीयत से की लूटपाट, विरोध करने पर बटन चाकू से किए कई वार

चार विधि से संघर्षरत बालकों सहित पांच आरोपी अभिरक्षा में, रक्तरंजित कपड़े, मोटरसाइकिल और चाकू जब्त

रायगढ़, 25 अक्टूबर 2026। जूटमिल पुलिस ने सारंगढ़ ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास मिले अज्ञात व्यक्ति के शव के हत्या मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा किया है। मामले में एक युवक राजेश्वर सारथी उर्फ समारू (19 वर्ष) और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने लूटपाट की नीयत से ट्रक के पास सो रहे व्यक्ति की जेब से रुपये और मोबाइल निकालने का प्रयास किया। व्यक्ति के जागने और विरोध करने पर एक बालक ने बटन चाकू से उसके शरीर पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और बटन चाकू जब्त किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास मिला था शव

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह थाना जूटमिल पुलिस को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जूटमिल थाना पुलिस और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई गई। उसके सीने और कंधे सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोट के निशान मिले थे। मृतक की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को सुरक्षित रूप से मरच्युरी में रखवाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

अगले दिन डॉक्टरों की टीम से शव की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक बताए जाने के बाद थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 656/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

CCTV फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी घटनास्थल पहुंचे और पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में आरोपियों की तलाश तेज की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा घटना के समय और संदिग्धों के संबंध में जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में करीब 15 से 16 वर्ष के लड़के शामिल हो सकते हैं। संदिग्धों के हुलिए के आधार पर मुखबिरों को सक्रिय किया गया। इसके बाद मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया।

नशे की लत और लूटपाट के लिए बनाते थे लोगों को निशाना

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नशा करते थे और कथित तौर पर कबाड़ चोरी करने के साथ-साथ शराब के नशे में रहने वाले लोगों, बुजुर्गों तथा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर रात में अकेले आने-जाने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते थे। आरोप है कि वे ऐसे लोगों से मोबाइल और रुपये लूटते थे तथा लूट से मिली रकम का इस्तेमाल खाने-पीने में करते थे।

बिरयानी खाने के लिए रुपये जुटाने निकले थे आरोपी

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मेमोरेंडम के अनुसार 23 अक्टूबर 2026 की रात करीब 1 बजे सभी नशे की हालत में थे। इसी दौरान कुछ लड़कों ने बिरयानी खाने की इच्छा जताई। इसके लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से दो लड़के एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 M 3674 से ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे। उनके पीछे तीन अन्य लड़के भी वहां पहुंचे। वहां फल की दुकान के बगल में सड़क किनारे खड़े ट्रक के पास एक व्यक्ति सोता हुआ दिखाई दिया। आरोपियों ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकालने के लिए तलाशी शुरू की। इसी दौरान व्यक्ति जाग गया और विरोध करने लगा। पुलिस के अनुसार, विरोध करने पर विधि से संघर्षरत बालकों में से एक ने अपने पास रखे बटन चाकू से मृतक की भुजा, सीने, जांघ और पीठ पर लगातार वार कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये निकाले और आपस में बांट लिए।

संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के मेमोरेंडम और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कथित तौर पर पूर्व में संगठित होकर वारदात करने तथा इस हत्या के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 भी जोड़ी गई है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और एक बटन चाकू जब्त किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड की प्रक्रिया पूरी करेगी।

पुलिस टीम और स्थानीय नागरिकों की रही भूमिका

पुलिस के अनुसार, मामले के खुलासे में स्थानीय नागरिकों ने भी मदद की। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को उचित इनाम देने तथा महत्वपूर्ण सुराग देने वाले नागरिकों को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी राहुल उईके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक दिव्या बंजारे, वेदवती कुमेटी, एएसआई राजेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, राजेश पटेल, लोमश राजपूत तथा आरक्षक नरेश रजक, सुशील यादव, तरुण महिलाने, संजय एक्का, शांति मिरी और परमानंद पटेल की अहम भूमिका रही।

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