रायगढ़। महाराजा अग्रसेन जयंती के भव्य आयोजनों का आगाज बुधवार को नटवर स्कूल मैदान में बेहद भावुक और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच हुआ। अवसर था उन अग्र दंपतियों के सम्मान का, जिन्होंने वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूरे कर एक-दूसरे का जीवनभर साथ निभाने की मिसाल कायम की। 30 से अधिक दंपतियों के गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
*गोल्डन जुबली दंपतियों का ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ स्वागत*
मंच पर पहुंचने के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और साथ मिलकर केक काटा। आयोजन समिति की ओर से प्रत्येक दंपति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान दंपतियों के साथ उनके परिवारजन भी मौजूद रहे।50 वर्षों के साथ के इस उत्सव में कई पल ऐसे आए, जब माहौल भावुक हो गया। जीवन के पांच दशक एक-दूसरे के साथ बिताने वाले इन दंपतियों की आंखों में खुशी, अपनापन और बीते वर्षों की अनगिनत यादें साफ झलक रही थीं। मंच पर जब पति-पत्नी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई तो वहां मौजूद परिवारजनों और समाज के लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। यह केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और परिवार की उस खूबसूरत यात्रा का उत्सव था, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त कर पाना संभव नहीं।कार्यक्रम में लाइफ आर्केस्ट्रा ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से चार चांद लगा दिए। संगीत की धुन पर समाज के लोग जमकर झूमे और नाचे। नटवर स्कूल मैदान में बड़ी संख्या में अग्र समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे उत्साह के साथ जयंती समारोह के आगाज का आनंद लिया।
*महाराजा अग्रसेन प्रीमियर लीग का भी हुआ शुभारंभ*
गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन के साथ ही क्रिकेट प्रतियोगिता “महाराजा अग्रसेन प्रीमियर लीग” का भी भव्य शुभारंभ किया गया। क्रिकेट को लेकर समाज के युवाओं और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जयंती समारोह में खेल, संगीत और सामाजिक सम्मान का अनूठा संगम नजर आया।आयोजन समिति के प्रवक्ता प्रकाश निगानिया ने बताया कि महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर समाज के सभी वर्गों को जोड़ते हुए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गोल्डन जुबली सेलिब्रेशन का उद्देश्य उन दंपतियों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है, जिन्होंने पांच दशकों तक प्रेम, विश्वास और समर्पण के साथ अपने परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन दंपतियों का अनुभव और उनका जीवन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
*इन अग्र दंपतियों का हुआ सम्मान*
कुसुम अग्रवाल एवं मुरलीधर अग्रवाल, कुसुम अग्रवाल एवं राजकुमार अग्रवाल, गंगा मित्तल एवं सुरेश मित्तल, कृष्णा देवी अग्रवाल एवं घासीराम अग्रवाल, शकुंतला अग्रवाल एवं मोहन लाल अग्रवाल, उषा अग्रवाल एवं विजय कुमार अग्रवाल, सरोज अग्रवाल एवं पुरुषोत्तम दास अग्रवाल, शारदा देवी अग्रवाल एवं कामता प्रसाद अग्रवाल, द्रोपदी अग्रवाल एवं संतोष अग्रवाल, सुशीला अग्रवाल एवं अजय अग्रवाल, सुलोचना अग्रवाल एवं श्रीकृष्ण कुमार, कमला देवी एवं नानक चंद अग्रवाल, सावित्री देवी एवं महावीर अग्रवाल, शांति देवी एवं रामचंद्र अग्रवाल, मीना देवी एवं श्याम बंसल, उषा देवी एवं शंकरलाल अग्रवाल, कुसुमलता एवं मुरलीधर अग्रवाल, शोभा एवं गोविंद अग्रवाल, शकुंतला एवं गुलाबचंद अग्रवाल, मंगलादेवी एवं परमानंद अग्रवाल, उमादेवी एवं राधेश्याम (आशाराम), सुशीला देवी एवं चैतन्य कुमार केडिया, मीरा देवी एवं पुरुषोत्तम मोदी, उषा देवी एवं घनश्याम अग्रवाल, शारदा एवं कैलाश बेरीवाल, ममता देवी एवं राजेंद्र अग्रवाल, कौशल्या देवी एवं बजरंग अग्रवाल, कुसुमदेवी एवं रूपचंद अग्रवाल, राजकुमारी एवं मदनलाल अग्रवाल, मीरा बाई एवं परमानंद अग्रवाल, श्यामलता एवं अजय रतेरिया, पुष्पा एवं वासुदेव अग्रवाल, रमेश देवी एवं अर्जुनलाल अग्रवाल तथा रमादेवी एवं वेदप्रकाश सिंघल।
*आयोजन को सफल बनाने में जुटी रही पूरी टीम*
श्री अग्रसेन सेवा संघ एवं अग्रसेन जयंती आयोजन समिति से बजरंग अग्रवाल (लेन्ध्रा), मुकेश मित्तल कलानोरिया, प्रदीप गर्ग, अनूप बंसल, सचिन बंसल, रवि अग्रवाल (सी.ए.), संजय अग्रवाल (मां बंजारी), रमेश छापरिया, राजेश बेरीवाल, अशोक अग्रवाल (ब्लू चीज), कमलेश रतेरिया, मनीष पालीवाल, प्रकाश निगानिया, मनोज मित्तल सहित आशा अग्रवाल (टाइटन), कविता बेरीवाल, लता अग्रवाल (डोरा), शालू गोयल सहित बड़ी संख्या में सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटे रहे।
