डीएमएफ के कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, गड़बड़ी मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

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कलेक्टर ने डीएमएफ कार्यों की विभागवार समीक्षा की, हर सप्ताह होगी प्रगति की निगरानी

                  रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने डीएमएफ अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों की नियमित निगरानी करने और उन्हें तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएमएफ प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में कलेक्टर ने वर्ष 2026-27 एवं पूर्व वर्षों में स्वीकृत कार्यों की विभागवार, जनपद पंचायतवार और नगरीय निकायवार समीक्षा की। उन्होंने डीएमएफ राशि में अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।           कलेक्टर ने अप्रारंभ, प्रारंभ, प्रगतिरत और पूर्ण कार्यों की स्थिति के साथ टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, उपयोगिता प्रमाण-पत्र एवं पूर्णता प्रमाण-पत्र की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम लगभग समाप्त हो चुका है। ऐसे में अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए और इसी कार्यशील मौसम में कार्य पूर्ण करने के लिए उचित प्लानिंग की जाए। उन्होंने कहा कि डीएमएफ कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी और प्रत्येक सप्ताह कार्यों की जानकारी ली जाएगी। संबंधित अधिकारी स्वयं कार्यस्थल का निरीक्षण करें और कमियां मिलने पर उन्हें समय रहते दूर कराएं। उन्होंने सभी इंजीनियरों को समय-समय पर फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में मरम्मत के लिए स्वीकृत कार्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। कलेक्टर ने इन कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कार्य मजबूती और गुणवत्ता के साथ पूरे हो सकें।

काम शुरू होते ही लगेगा सूचना बोर्ड

कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ गाइडलाइन के अनुसार कार्य शुरू होते ही स्थल पर कार्य के विवरण और स्वीकृत राशि सहित सूचना बोर्ड लगाया जाए। कार्य पूर्ण होने के बाद आवश्यक जानकारी के साथ बोर्ड लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में कलेक्टर ने जनपद पंचायत तमनार के सीईओ द्वारा डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्य में अपेक्षित रुचि नहीं लिए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

2026-27 में 200 से अधिक कार्य स्वीकृत

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 4 कार्य, सीजीएमएससी अंतर्गत 59 कार्य, जिला पंचायत अंतर्गत 1 कार्य, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत 16 कार्य, जनपद पंचायत लैलूंगा अंतर्गत 26 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत 29 कार्य, छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण अंतर्गत 15 कार्य, जनपद पंचायत घरघोड़ा अंतर्गत 17 कार्य, ग्रामीण निर्माण मंडल अंतर्गत 16 कार्य, जनपद पंचायत तमनार अंतर्गत 9 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायगढ़ अंतर्गत 6 कार्य और आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत 6 कार्य सहित कुल 200 से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें अधिकांश कार्य प्रगतिरत हैं, जबकि कई कार्यों की टेंडर प्रक्रिया जारी है और कई कार्यों के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि इनका लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंच सके। बैठक में डीएमएफ परियोजनाओं की निगरानी के लिए रियल टाइम क्यूआर सोशल ऑडिट प्रणाली के क्रियान्वयन संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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