सालों से ठेका प्रथा के तहत कर रहे काम, कर्मचारियों ने कहा- मांगें पूरी नहीं हुईं तो बंद करेंगे काम

Highlights
- ठेका सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन के सामने रखीं मांगें।
- नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर पहुंचे कर्मचारी।
- वर्ष 2011 से ठेका प्रथा के तहत काम करने का दावा।
- नए सफाई ठेके को लेकर भी कर्मचारियों ने जताई अनिश्चितता।
- एक महीने में समाधान नहीं होने पर काम बंद करने की चेतावनी।
पूरी खबर
रायगढ़ शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले ठेका सफाई कर्मचारी एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर नगर निगम पहुंचे। मंगलवार को कर्मचारियों ने अधिकारियों से मुलाकात कर नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे सालों से शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
सालों से ठेका प्रथा के तहत कर रहे काम
कर्मचारियों के मुताबिक, वे गर्मी, बारिश और कड़ाके की ठंड जैसी हर परिस्थिति में शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं। इसके बावजूद उनकी नौकरी और वेतन से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2011 तक वे नगर निगम के अंतर्गत काम करते थे, लेकिन इसके बाद ठेका प्रथा लागू कर दी गई। तब से वे ठेके के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस दौरान कई बार अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं और आश्वासन भी मिले, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।
नए टेंडर को लेकर भी कर्मचारियों में असमंजस
सफाई कर्मचारियों ने नए टेंडर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नया टेंडर किस ठेकेदार को मिला है और आगे उनकी जिम्मेदारी किसके पास होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। नए ठेकेदार के बारे में जानकारी नहीं होने से कर्मचारियों को अपने काम और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
नियमितीकरण या वेतन वृद्धि की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि ठेका प्रथा समाप्त कर उन्हें नियमित किया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो वर्तमान महंगाई को देखते हुए उनके वेतन में उचित वृद्धि की जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें।
मंगलवार को नगर निगम पहुंचे कर्मचारियों ने अधिकारियों से अपनी समस्याओं का जल्द निराकरण करने की अपील की। इस दौरान सफाई कर्मचारी राजेंद्र कंसारी और विद्या कंसारी ने भी अपनी समस्याएं और मांगें रखीं।
एक महीने का अल्टीमेटम, काम बंद करने की चेतावनी
कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे काम बंद करने के लिए मजबूर होंगे। ऐसे में अब नगर निगम प्रशासन के सामने सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकालने की चुनौती है।
वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को अब प्रशासन के फैसले का इंतजार है। देखना होगा कि नगर निगम उनकी समस्याओं पर कब तक कोई ठोस कदम उठाता है।













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