दशहरे पर नीलकंठ दर्शन की परंपरा
दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन को शुभ मानने की धार्मिक मान्यता भी लंबे समय से चली आ रही है। इसी परंपरा के तहत दोनों मंदिरों में श्रद्धालु नीलकंठ के दर्शन के लिए पहुंचे।
हर साल की तरह इस बार भी लोगों ने श्रद्धा के साथ दर्शन किए और सुखद भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा।
