युवतियों में उत्साह, कोलकाता से आए विशेषज्ञ, अग्रोहा भवन में सीख रहीं घूमर
रायगढ़। महाराजा श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव में इस बार राजस्थानी संस्कृति की खास रंगत देखने को मिलेगी। महोत्सव में पहली बार घूमर प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसे लेकर समाज की महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह है। घूमर के पारंपरिक स्टेप और बारीकियां सिखाने के लिए कोलकाता से विशेषज्ञ को बुलाया गया है, जो अग्रोहा भवन में रोजाना वर्कशॉप लेकर प्रतिभागियों को तैयार कर रहे हैं। महाराजा श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव को इस बार राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के रंग में सजाने की तैयारी है। महोत्सव में रजवाड़ी रंगत-घूमर कार्यक्रम के साथ राजस्थानी लोकनृत्य घूमर प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता को लेकर समाज की महिलाओं और युवतियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। रायगढ़ में घूमर डांस नया होने के कारण प्रतियोगिता में शामिल होने वाली प्रतिभागियों को इसकी बारीकियां और पारंपरिक नृत्य शैली सिखाने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए कोलकाता से घूमर के विशेषज्ञ को बुलाया गया है। विशेषज्ञ अग्रोहा भवन में वर्कशॉप के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को घूमर के पारंपरिक डांस स्टेप, भाव-भंगिमा, ताल और प्रस्तुति की बारीकियां सिखा रहे हैं।
वर्कशॉप में रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पूरे उत्साह के साथ पहुंच रही हैं। प्रतिभागी विशेषज्ञ से घूमर की बारीकियां सीखने के साथ प्रतियोगिता के लिए अभ्यास भी कर रही हैं। राजस्थानी पारंपरिक परिधान और घूमर की खास शैली को लेकर भी प्रतिभागियों में उत्सुकता है। आयोजकों का कहना है कि घूमर के जरिए महोत्सव में राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। वहीं महिलाओं और युवतियों की बढ़ती भागीदारी से आयोजन को लेकर उत्साह भी लगातार बढ़ रहा है।
