रायगढ़ में धान खरीदी की तैयारियां तेज, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण; टोकन से लेकर नमी जांच तक समझाई गई प्रक्रिया

रायगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2026-27 से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम

उपशीर्षक: खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू बनाने जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में टोकन व्यवस्था, धान की तौल, नमी परीक्षण, बारदाना और खरीदी केंद्रों की निगरानी से जुड़ी जानकारी दी गई।

रायगढ़। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले प्रशासन ने तेज की तैयारियां

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टोरेट परिसर स्थित सृजन सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 10:30 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में धान खरीदी से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया गया कि खरीदी केंद्रों में किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

रायगढ़ धान खरीदी 2026-27
रायगढ़ धान खरीदी 2026-27

टोकन व्यवस्था से लेकर धान की तौल तक दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसमें किसानों को टोकन जारी करने की प्रक्रिया, धान की तौल, नमी की जांच और बारदाने की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। टोकन जारी करने से लेकर धान की खरीदी तक सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हों, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

डैशबोर्ड और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी खरीदी की निगरानी

प्रशिक्षण कार्यक्रम में धान और चावल के उपार्जन की निगरानी को लेकर भी जानकारी दी गई। अधिकारियों को डैशबोर्ड ट्रैकिंग सिस्टम और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया की निगरानी करने की कार्यप्रणाली समझाई गई।

इसके साथ ही कोचिया और बिचौलियों पर नियंत्रण रखने के लिए की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके लिए गठित उड़नदस्ता दल की भूमिका और कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया गया, ताकि धान खरीदी व्यवस्था में अनियमितताओं पर नियंत्रण रखा जा सके।

दूसरे सत्र में नमी परीक्षण और बारदाना व्यवस्था का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे सत्र में धान खरीदी से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर जानकारी दी गई। इसमें टोकन जारी करने के नियम, धान के मानक आकार में स्टैक निर्माण, कंप्यूटर में रिकॉर्ड दर्ज करने की प्रक्रिया और नमी परीक्षण के तरीके समझाए गए।

इसके अलावा खरीदी केंद्रों में बारदाने की व्यवस्था और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को खरीदी केंद्रों के वित्तीय दायित्वों और वहां किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।

कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण में हुए शामिल

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धान खरीदी से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इसमें राजस्व, खाद्य, सहकारिता, कृषि एवं विपणन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

इसके अलावा एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी, अपेक्स बैंक के प्रतिनिधि, उपार्जन केंद्रों के नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।

किसानों को परेशानी से बचाने प्रशासन की तैयारी

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को खरीदी प्रक्रिया के हर महत्वपूर्ण पहलू से अवगत कराया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य खरीदी केंद्रों में व्यवस्था बेहतर बनाए रखना और किसानों को टोकन, तौल, नमी जांच तथा बारदाने जैसी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है।

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