स्टेडियम से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कोटवार, मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
राजस्व विभाग में संविलियन, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नगरीय क्षेत्रों में नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की उठाई मांग
रायगढ़। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को रायगढ़ में कोटवार संघ ने जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे कोटवार शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में एकत्रित हुए। इसके बाद रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कोटवार संघ ने शासन से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
नियमितीकरण और राजस्व विभाग में संविलियन की मांग
कोटवार संघ की प्रमुख मांग है कि कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए। इसके साथ ही महंगाई के अनुपात में उनका मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग भी की गई है।
कोटवारों का कहना है कि वे लंबे समय से ग्रामीण स्तर पर शासन की योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों का दर्जा नहीं मिल पाया है। संघ के अनुसार, इस स्थिति के कारण कोटवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान कोटवार संघ ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग भी उठाई। संघ चाहता है कि परंपरागत व्यवस्था के तहत कोटवारों के परिवार के सदस्यों को ही रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की व्यवस्था की जाए।
कोटवार संघ का कहना है कि यह मुद्दा उनके परिवारों की आजीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा हुआ है। इसलिए शासन को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में नियुक्ति पर प्रतिबंध हटाने की मांग
कोटवार संघ ने नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग भी की है। संघ का मानना है कि उनकी विभिन्न मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से कोटवारों और उनके परिवारों को राहत मिल सकती है।
शासन के फैसले का इंतजार
अपनी मांगों को लेकर कोटवार संघ ने रैली और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की गई।
अब कोटवार संघ की नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नगरीय क्षेत्रों में नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।