महानवमी पर बनोरा आश्रम में उमड़े श्रद्धालु, हवन-पूजन के बाद भंडारे में ग्रहण किया प्रसाद

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रायगढ़। शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी के पावन अवसर पर रायगढ़ के बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के दर्शन और आशीर्वाद की कामना लेकर आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में भक्त आश्रम पहुंचे। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार आश्रम में हवन-पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।

नौ दिनों तक हुई विशेष आराधना

बनोरा आश्रम में शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और उपासना की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक उपासना स्थल में विधि-विधान के साथ माता की आराधना और आरती होती है। मां गुरु और मां क्रीं की अघोर आराधना स्थली के रूप में प्रसिद्ध इस आश्रम में महानवमी पर हवन-पूजन के बाद भंडारे की परंपरा निभाई जाती है। इस आयोजन में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों से बाबा प्रियदर्शी राम के अनुयायी परिवार सहित शामिल होने पहुंचे। आश्रम परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा।

गुरु गद्दी पर भक्तों ने अर्पित की भेंट और प्रणाम

सोमवार को महानवमी के अवसर पर बाबा प्रियदर्शी राम बनोरा आश्रम में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। भंडारे में शामिल होने से पहले भक्तों ने गुरु गद्दी के पास पहुंचकर बाहर से ही अपनी भेंट अर्पित की और प्रणाम किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम के दर्शन किए। फिर उपासना स्थल के समीप बने प्रवचन शेड के नीचे बैठकर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों ने पारंपरिक श्रद्धा के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

मानवता और सेवा की भावना से जुड़ा आश्रम

बनोरा आश्रम केवल आध्यात्मिक साधना का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों के संचालन के लिए भी जाना जाता है। बाबा प्रियदर्शी राम द्वारा बताए गए मानवता और सेवा के मार्ग पर चलने वाले अनेक अनुयायी विशेष अवसरों पर यहां पहुंचते हैं। आश्रम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में गुरुजी की उपस्थिति हो या नहीं, श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार शामिल होते हैं। महानवमी पर भी बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी ने आश्रम के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाया। नवरात्रि के अंतिम दिन हवन-पूजन, गुरु गद्दी पर प्रणाम और भंडारे के आयोजन के साथ आश्रम में भक्तिमय माहौल बना रहा।

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