सप्तमी के साथ रायगढ़ में दुर्गोत्सव की धूम, भव्य पंडालों में विराजीं मां दुर्गा

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रायगढ़। शारदीय नवरात्रि की सप्तमी तिथि के साथ ही शहर में दुर्गोत्सव की रौनक बढ़ गई है। चौक-चौराहों, प्रमुख मार्गों और गली-मोहल्लों में सजे दुर्गा पंडालों में शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। आकर्षक सजावट, भव्य पंडालों और मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमाओं ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है। सप्तमी की शाम से ही माता के दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी और शहर के विभिन्न इलाकों में भक्ति व उत्साह का माहौल नजर आने लगा।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंडालों में विराजीं मां दुर्गा

हिंदू पंचांग के अनुसार, षष्ठी तिथि पर शहर के कई दुर्गा पंडालों में प्रतिमा स्थापना से पहले घट स्थापना की परंपरा निभाई गई। कुछ समितियों की ओर से कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ शामिल हुए। इसके बाद शनिवार को सप्तमी तिथि पर सुबह से ही विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा का सिलसिला शुरू हुआ। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर माता का आह्वान किया। शाम तक अधिकांश पंडालों में मां दुर्गा विराजमान हो चुकी थीं। इसके साथ ही सार्वजनिक दुर्गोत्सव की रौनक और बढ़ गई।

आकर्षक सजावट और भव्य पंडाल बने आकर्षण

दुर्गोत्सव को लेकर शहर में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। दुर्गा समितियों ने अपने-अपने पंडालों को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष सजावट की है। कहीं भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए हैं तो कहीं रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी सामग्री से पंडालों को नया स्वरूप दिया गया है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के श्रृंगार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रेलवे परिक्षेत्र में भी हर साल की तरह इस बार दुर्गोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक स्थापित प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

युवक संघ ने पंडाल को दिया डाकघर का रूप

इस बार युवक संघ द्वारा तैयार किया गया पंडाल खास आकर्षण बना हुआ है। समिति ने पंडाल को डाकघर का रूप दिया है, ताकि श्रद्धालु मां के नाम अपनी अर्जी या चिट्ठी भेज सकें। इस अनूठी थीम के जरिए भक्त अपनी भावनाएं और मनोकामनाएं माता के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे। वहीं, गौरीशंकर मंदिर चौक में गौरीकला समिति की ओर से की गई आकर्षक सजावट की भी लोग सराहना कर रहे हैं। पंडालों की अलग-अलग थीम और सजावट दुर्गोत्सव को खास बना रही हैं।

पुलिस लाइन में 27 साल से मनाया जा रहा दुर्गोत्सव

शहर की पुलिस लाइन में भी मां अंबे की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां पिछले 27 वर्षों से दुर्गोत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस साल भी माता रानी की आकर्षक प्रतिमा विराजमान की गई है। माता के सेवक दीनू यादव अपनी पत्नी के साथ यहां की व्यवस्थाओं और सजावट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दोनों पूरे सेवाभाव से माता की सेवा में जुटे हुए हैं। पुलिस लाइन में भी श्रद्धालुओं के बीच नवरात्रि को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है।

अगले चार दिनों तक रहेगी दुर्गोत्सव की रौनक

सप्तमी की शाम से ही शहर की सड़कों और बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग परिवार के साथ विभिन्न पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन कर रहे हैं। आकर्षक प्रतिमाओं और रोशनी से सजे पंडालों को देखने के लिए भी लोग घरों से निकल रहे हैं। मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही रायगढ़ का माहौल भक्तिमय हो गया है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्सव की रौनक बढ़ने की उम्मीद है। अगले चार दिनों तक शहर में मां जगदंबे की आराधना, पूजा-पाठ और दुर्गोत्सव की धूम बनी रहेगी।

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