आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में तैनात 12 पुलिसकर्मियों को अब मूल विभाग में लौटना होगा; प्रशासनिक आदेश के बाद वापसी की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ।
Highlights
- छत्तीसगढ़ शासन ने EOW और ACB में तैनात 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी है।
- संबंधित पुलिसकर्मियों की अपने मूल विभाग में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
- EOW और ACB राज्य में आर्थिक अपराधों, वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच करती हैं।
- प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद नई पदस्थापना मूल विभाग के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।
- सभी 12 अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम और नई जिम्मेदारियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक फेरबदल, EOW-ACB के 12 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। राज्य शासन ने आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में तैनात 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी है। इस फैसले के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की अपने मूल विभाग में वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
पुलिस विभाग में इस निर्णय को प्रशासनिक प्रक्रिया और आंतरिक फेरबदल का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, प्रतिनियुक्ति समाप्त किए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत सूची, उनकी वर्तमान पदस्थापना और आगे की जिम्मेदारियों की जानकारी उपलब्ध विवरण में सामने नहीं आई है।
मूल विभाग में लौटेंगे 12 अधिकारी-कर्मचारी
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में विभिन्न पदों पर तैनात 12 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने का आदेश जारी किया गया है।
प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद अब संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उनकी नई पदस्थापना और आगे की जिम्मेदारियां मूल विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले आदेशों के आधार पर तय होंगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में संबंधित पुलिसकर्मियों के नाम, पद और आगामी तैनाती का पूरा विवरण स्पष्ट नहीं है।
EOW और ACB की क्या है भूमिका?
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राज्य की प्रमुख जांच एजेंसियों में शामिल हैं। ये एजेंसियां अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आर्थिक अपराधों, वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच करती हैं।
इन एजेंसियों में अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती जांच कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए की जाती है। ऐसे में प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के फैसले के बाद संबंधित कर्मचारियों की वापसी और नई पदस्थापना से विभागीय व्यवस्था में बदलाव हो सकता है।
हालांकि, इस प्रशासनिक निर्णय का जांच एजेंसियों के मौजूदा मामलों या उनकी कार्यप्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या होती है प्रतिनियुक्ति?
सरकारी सेवा व्यवस्था में प्रतिनियुक्ति के तहत किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसके मूल विभाग से किसी दूसरे विभाग या संस्थान में निर्धारित अवधि अथवा प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार कार्य करने के लिए भेजा जाता है।
प्रतिनियुक्ति निर्धारित अवधि पूरी होने पर या प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर समाप्त की जा सकती है। इसके बाद संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की मूल विभाग में वापसी और नई पदस्थापना नियमानुसार जारी होने वाले आदेशों के आधार पर तय होती है।
छत्तीसगढ़ में EOW और ACB के 12 अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के फैसले के बाद अब उनके मूल विभाग में लौटने और आगामी जिम्मेदारियों को लेकर विभागीय आदेश महत्वपूर्ण होंगे।
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