दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57 वीं बैठक में शामिल हुए प्रदेश के वित्त मंत्री विधायक रायगढ़ ओपी चौधरी
सुधारो को 1 अप्रैल 27 से लागू करने का लक्ष्य
नई दिल्ली : दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57 वीं बैठक में देश के टैक्स ढांचे को लेकर युगांतकारी और क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं। बैठक के बाद बाहर आए छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे आजादी के बाद के टैक्स स्ट्रक्चर में सबसे बड़ा बदलाव बताया।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। पिछले साल जीएसटी 2.0 लाकर देश की जनता को टैक्स में बड़ी राहत दी गई थी, इस बार फोकस प्रोसीजरल रिफॉर्म्स और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर था। उन्होंने कहा कि बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए जिसके तहत गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त करते हुए दशकों से चला आ रहा टैक्स डिपार्टमेंट का अरेस्ट करने का अधिकार अब समाप्त कर दिया गया है। यह अधिकार जीएसटी से भी पहले से चला आ रहा था। वही अब रास्ते में गाड़ी नहीं रुकेगी। ई-वे बिल के नाम पर रास्ते में गाड़ियों को रोककर चेक करने की व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब कोई भी अधिकारी बीच रास्ते में गाड़ी रोककर जाम और परेशानी पैदा नहीं कर सकेगा, जिससे लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। रजिस्ट्रेशन और रिफंड को आसान बनाया गया।रजिस्ट्रेशन और रिफंड की प्रक्रिया को बेहद सरल किया गया है, कई जगह डीम्ड प्रोविजन लाए गए हैं ताकि व्यापारियों को प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल सके। अब ITC का लाभ मिलेगा। देश के बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर को बड़ी राहत देते हुए अब ग्रुप इंश्योरेंस, केटरिंग और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर भी ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) मिलने लगेगा, जो पहले नहीं मिलता था। इससे उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इन सभी सुधारों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 में दरों में कमी करके जनता को राहत दी गई थी, इस बार प्रक्रियाओं में सरलता लाकर व्यापारियों को बड़ी राहत दी गई है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और भारत 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
