Samit Macchar Ashok Chakra Award: विमान अपहरण को नाकाम करने वाले स्मित मच्छार को मिलेगा अशोक चक्र सम्मान?.. बहादुरी पर पारित किया गया प्रस्ताव

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फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर संकट के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र देने की मांग उठी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में हुई अपनी बैठक में कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र देने की मांग की है। हालांकि, अभी सरकार की ओर से उन्हें अशोक चक्र देने की कोई ऐलान नहीं किया गया है ,ABVP की दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक 2 और 3 अक्टूबर को ईटानगर में हुई। बैठक में संगठन ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी पर प्रस्ताव पारित किया। इसमें कहा गया कि उन्होंने बेहद मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाया। क्या हुआ था विमान में? Demands Ashok Chakra for Samit Macchar: 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट के बीच गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। उपलब्ध उड़ान आंकड़ों के अनुसार विमान करीब 14,300 फीट नीचे गिरा और कुछ ही समय में उसकी ऊंचाई में बड़ा बदलाव आया। हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। घायल हालत में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। इस घटना में विमान में मौजूद सभी लोग सुरक्षित रहे। गंभीर चोट के बावजूद नहीं मानी हार Demands Ashok Chakra for Samit Macchar: कैप्टन स्मित मच्छार को घटना के बाद सऊदी अरब में अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी सर्जरी हुई। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए आगे ले जाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी हालत अब स्थिर है और वह ठीक हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे बातचीत कर उनके साहस की सराहना की है। स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं। वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे और 2022 में फ्लाईदुबई में शामिल हुए। उनके पास बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव है। अशोक चक्र की मांग क्यों उठी? कैप्टन मच्छार की बहादुरी के बाद देश में उन्हें सम्मानित करने की मांग लगातार सामने आ रही है। ABVP ने अब उन्हें अशोक चक्र देने की मांग रखी है। इससे पहले शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कैप्टन मच्छार को अशोक चक्र के लिए विचार करने की मांग की थी।

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