धमतरी। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से आगामी दिनों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका के बीच धमतरी जिले के जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित भारी वर्षा और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बढ़ने पर रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) से कभी भी अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

गंगरेल बांध में 59.53 प्रतिशत जलभराव
सुबह 7 बजे की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गंगरेल बांध का जलस्तर 345.03 मीटर दर्ज किया गया। बांध का पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) 348.70 मीटर है। वर्तमान में बांध में 5,904 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और जीवित जलभराव क्षमता का 59.53 प्रतिशत उपयोग हो चुका है। वहीं, दुधावा बांध का जलस्तर 424.03 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 425.12 मीटर है। यहां पानी की आवक 209 क्यूसेक और जलभराव क्षमता का उपयोग 84.21 प्रतिशत है। मुरूमसिल्ली बांध की जीवित जलभराव क्षमता 90.72 प्रतिशत दर्ज की गई है। दूसरी ओर, सौंदूर बांध का जलस्तर 469.71 मीटर है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 471.065 मीटर है। सौंदूर बांध में 20 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है और जलभराव क्षमता का उपयोग 82.73 प्रतिशत है।नदी-नालों और पुल-पुलियों से दूर रहने की अपील
संभावित बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए लोगों से नदी, नालों, पुल-पुलियों और जलप्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। बच्चों और युवाओं को नदी-नालों में नहाने, मछली पकड़ने या तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में वहां से आवागमन न करें। पानी के तेज बहाव को पार करने का जोखिम जानलेवा साबित हो सकता है।
