नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-बटांकन और फौती नामांतरण सहित लंबित प्रकरणों की समीक्षा, भूमि आवंटन में अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश
रायगढ़, 08 अक्टूबर 2026। जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के लिए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने गुरुवार को एनआईसी कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-बटांकन सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम अब समाप्त हो गया है, इसलिए सभी राजस्व अधिकारी पूरी सक्रियता के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों के निराकरण में तेजी लाएं।

वन अधिकार पट्टा और फौती नामांतरण के मामलों पर भी जोरबैठक के दौरान कलेक्टर ने वन अधिकार पट्टा एवं फौती नामांतरण से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों का नियमानुसार त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।उन्होंने डीसीएस कार्य को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन के मामलों में अनावश्यक देरी नहींकलेक्टर ने विभिन्न शासकीय विभागों को भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि एनओसी की प्रक्रिया के कारण भूमि आवंटन के प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों के लिए भूमि आवंटन में किसी तरह की अनावश्यक देरी न हो।

मिसल-खसरा मिलान को प्राथमिकता देने के निर्देशबैठक में मिसल से खसरा मिलान की प्रगति की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का दुरुस्तीकरण और मिसल-खसरा मिलान सीधे तौर पर आम नागरिकों को बेहतर एवं सुविधाजनक राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराने से जुड़ा है। ऐसे कार्य नागरिकों के जीवन को आसान बनाने वाले हैं, इसलिए इनमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
पंचायत समाधान मंच से स्थानीय स्तर पर मामलों का समाधानकलेक्टर ने पंचायत समाधान मंच की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पंचायत समाधान मंच मध्यस्थता के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण का प्रभावी माध्यम है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका अधिक से अधिक उपयोग करते हुए स्थानीय स्तर पर प्रकरणों के समाधान को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही न्यायालयीन प्रकरणों का भी प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर ने कहा कि यह प्रयास होना चाहिए कि न्यायालय केवल प्रकरणों के लंबित रहने का केंद्र न बने, बल्कि मामलों के प्रभावी और समयबद्ध निराकरण की दिशा में काम हो

राजस्व वन भूमि की सुरक्षा पर विशेष जोरबैठक में राजस्व वन भूमि में वृक्ष कटाई से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक परिस्थितियों में वृक्ष कटाई की अनुमति केवल नियमानुसार ही प्रदान की जाए।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध रूप से वृक्षों की कटाई नहीं होनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम एवं शिल्पा भगत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
