छत्तीसगढ़ में आज मौसम बदलेगा, रायपुर समेत 26 जिलों में बारिश-तेज हवाओं का अलर्ट

छत्तीसगढ़ मौसम आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश में मानसून की वापसी रेखा रायपुर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में एक सिस्टम भी सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। शाम से रात के बीच मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है।

26 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार शाम 6:20 बजे से रात 9:20 बजे तक नाउकास्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।

इसका असर रायपुर समेत 26 जिलों में देखने को मिल सकता है। इनमें बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।

रायपुर में शाम को मिल सकती है उमस से राहत

राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर गर्मी और उमस का असर रहा। शहर में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बुधवार शाम या रात रायपुर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश होने पर लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

राजनांदगांव सबसे गर्म, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान

मंगलवार को मुंगेली और बलरामपुर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान राजनांदगांव सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान दर्ज हुआ। यहां न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश, गरज-चमक और मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।

आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी जरूरी

बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।

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