युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट से लिया संन्यास, लेकिन इस फॉर्मेट में खेलते रहेंगे, पोस्ट शेयर कर किया ऐलान

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  1. युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट से लिया संन्यास, लेकिन इस फॉर्मेट में खेलते रहेंगे, पोस्ट शेयर कर किया ऐलान
Yuzvendra Chahal Retirement: टीम इंडिया के दिग्गज क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। अब चहल व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। अपना आखिरी रेड-बॉल मैच लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। वह लंबे समय से टीम इंडिया से भी बाहर चल रहे है। अगस्त 2023 में भारत के लिए आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते नजर आए थे। भारत के लिए टेस्ट खेलने का नहीं मिला मौका 36 साल के चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। 2026-27 सीजन में चहल ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।   इंस्टाग्राम पर शेयर किया पोस्ट युजवेंद्र चहल ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें चहल ने लिखा कि- मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। मैं 10 साल का था और मुझे तब अंदाज़ा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से कितना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए, रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ़ एक और फ़ॉर्मेट नहीं था। इसी फ़ॉर्मेट में मैंने सब्र, चरित्र, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी को समझा। Yuzvendra Chahal Retirement मैंने अपना आखिरी फ़र्स्ट-क्लास मैच लॉर्ड्स में खेला; यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पहनना हमेशा से मेरा सपना रहा था, एक ऐसा सपना जिसे मैंने कई सालों तक संजोकर रखा। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफ़र से सच में संतुष्ट हूँ और इस फ़ॉर्मेट में मिले हर मौके के लिए बहुत आभारी हूँ। रेड बॉल ने मुझे मेरी ज़िंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं, और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन अभी मेरा सफ़र खत्म नहीं हुआ है। अपने देश के लिए खेलने की भूख अभी भी मुझमें ज़बरदस्त है। मुझे यकीन है कि मुझमें अभी भी क्रिकेट बाकी है, और वन-डे और T20 फ़ॉर्मेट में एक और मौका पाने के लिए मैं अपनी पूरी जान लगा दूँगा। हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, श्री रणबीर सिंह महिंद्रा सर और श्री अनिरुद्ध सिंह चौधरी सर का खास शुक्रिया, जिन्होंने मेरे पूरे सफ़र में लगातार मेरा साथ दिया और मुझ पर भरोसा जताया। पहली बार रेड बॉल पकड़ने वाले 10 साल के बच्चे से लेकर अपना आखिरी फ़र्स्ट-क्लास मैच खेलने तक, यह सफ़र वाकई ज़बरदस्त रहा है।

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