बरमकेला में महानवमी पर कन्या पूजन, नौ कन्याओं को भोजन कर लिया आशीर्वाद

WhatsApp Image 2026-10-19 at 4.00.05 PM
बरमकेला। शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी के अवसर पर सोमवार को बरमकेला नगर सहित ग्रामीण अंचलों में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ कन्या पूजन किया गया। दुर्गा पंडालों, मंदिरों और घरों में मां जगत जननी दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद नौ कन्याओं को भोजन कराया गया। विधि-विधान से कन्याओं के पैर धोकर उन्हें तिलक लगाया गया और फल, वस्त्र, चुनरी व दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान भैरव बाबा की भी पूजा-अर्चना की गई।

मंदिरों और घरों में हुआ कन्या पूजन

महानवमी पर बरमकेला के बाजार चौक, सुभाष चौक और इंदिरा चौक सहित देवगांव के तारिणी मंदिर तथा चांटीपाली स्थित दुर्गा मंदिर में कन्या पूजन के आयोजन हुए। इसके साथ ही नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में भी श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर कन्याओं को भोजन कराया। नवरात्रि का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद कन्याओं को आमंत्रित किया और उनका पारंपरिक तरीके से पूजन किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कन्या पूजन से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

मां तारिणी मंदिर में विधि-विधान से पूजा

देवगांव स्थित मां तारिणी मंदिर में उपासक महिलाओं ने विशेष रूप से कन्या पूजन किया। इस दौरान नौ कन्याओं के पैरों को स्वच्छ जल से धोया गया। उनके माथे पर कुमकुम, अक्षत और फूल लगाकर कलाई पर मौली बांधी गई। इसके बाद कन्याओं को फलाहार और भोजन कराया गया। भोजन के बाद कन्याओं को चुनरी, वस्त्र, फल और दक्षिणा भेंट कर आदरपूर्वक विदा किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं का आशीर्वाद लेकर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

नवरात्रि के समापन पर भक्तिमय माहौल

महानवमी के अवसर पर बरमकेला नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां देखने को मिलीं। दुर्गा पंडालों और मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ कन्या भोजन के आयोजन किए गए। नौ दिनों तक चली मां दुर्गा की आराधना के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया।

Top Search

Advertisement Carousel