26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन, पांच संभागों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, वॉलीबॉल, खो-खो और कबड्डी में खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन
रायगढ़। रायगढ़ में 28 सितंबर से आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का गुरुवार को समापन हुआ। चार दिनों तक चली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर और सरगुजा संभाग के करीब 360 खिलाड़ियों एवं 80 ऑफिशियल ने हिस्सा लिया। वॉलीबॉल, खो-खो और कबड्डी की विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेल के मैदान में जीत के साथ अनुशासन, धैर्य, टीम भावना और निरंतर अभ्यास का महत्व भी सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होना ही खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि रायगढ़ में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आए खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बेहतर मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से हार-जीत से सीख लेते हुए नियमित अभ्यास जारी रखने की बात कही। सभापति डिग्री लाल साहू ने कहा कि खेल में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना स्वयं में गौरव की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री दीपक सिदार ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए नियमित अभ्यास और सकारात्मक सोच को बनाए रखना आवश्यक है।
प्रतियोगिता में 17 वर्ष बालक-बालिका वर्ग में वॉलीबॉल एवं खो-खो तथा 14 वर्ष बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी के मुकाबले आयोजित किए गए। चार दिनों तक विभिन्न खेल स्थलों पर हुए मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ टीमवर्क और खेल भावना भी देखने को मिली।
