रायगढ़: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से बेटी की पढ़ाई का सपना होगा साकार, श्रमिक माधुरी महंत को मिले 20 हजार रुपये

WhatsApp Image 2026-नोनी सशक्तिकरण योजना

छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक संबल मिल रहा है। रायगढ़ के ग्राम संगीतराई की श्रमिक माधुरी महंत को बेटी की शिक्षा के लिए 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता मिली है।

नोनी सशक्तिकरण योजना
नोनी सशक्तिकरण योजना

रायगढ़, 11 अक्टूबर 2026। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना कई बार चुनौती बन जाता है। ऐसे में शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को राहत देने में मददगार साबित हो रही हैं। रायगढ़ जिले के ग्राम संगीतराई की श्रमिक माधुरी महंत को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इस राशि से उन्हें अपनी बेटी की पढ़ाई आगे बढ़ाने और उसके बेहतर भविष्य की तैयारी करने में मदद मिली है।

मजदूरी कर परिवार चलाती हैं माधुरी महंत

माधुरी महंत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक हैं और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। सीमित आय में घर की जरूरतों के साथ बेटी की शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल था।

इसी दौरान उन्हें श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और पात्रता के आधार पर उन्हें 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।

इस सहायता से बेटी की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहारा मिला है। माधुरी महंत के अनुसार, अब वे अपनी बेटी को आगे पढ़ाने और उसका भविष्य बेहतर बनाने को लेकर पहले से अधिक आश्वस्त हैं।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

माधुरी महंत ने योजना के तहत मिली सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों की बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए इस तरह की योजनाएं मददगार साबित होती हैं।

योजना से मिली राशि ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है और बेटी की शिक्षा जारी रखने के प्रयासों को मजबूती प्रदान की है।

क्या है मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना?

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना का संचालन श्रम विभाग एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जाता है। इसका उद्देश्य निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना के तहत पात्र श्रमिकों की पहली दो अविवाहित बेटियों को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास अथवा विवाह के लिए 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।

योजना का लाभ लेने के लिए क्या है पात्रता?

योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तें बताई गई हैं:

  • श्रमिक का संबंधित मंडल में कम से कम तीन वर्ष पूर्व पंजीकृत होना आवश्यक है।
  • बेटी की आयु 18 से 21 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • बेटी का कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • सहायता निर्धारित पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार प्रदान की जाती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता बताई गई है:

  • श्रमिक पंजीयन कार्ड
  • बेटी का आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • कक्षा 10वीं की अंकसूची
  • नियोजन प्रमाण पत्र
  • स्वघोषणा प्रमाण पत्र

आवेदन करने से पहले श्रम विभाग या संबंधित मंडल से वर्तमान पात्रता, दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि कर लेना उचित होगा।

श्रमिक परिवारों की बेटियों को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना जैसी पहल का उद्देश्य श्रमिक परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है। रायगढ़ की माधुरी महंत को मिली सहायता की यह कहानी बताती है कि आर्थिक सहयोग से परिवारों को बेटियों की शिक्षा जारी रखने में मदद मिल सकती है।


इसे भी पढ़ें

अग्रोहा धाम में महाराजा श्री अग्रसेन जी की महाआरती

Top Search

Advertisement Carousel