रायगढ़ में बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने अभियान तेज, 27 नवंबर को होंगी विशेष ग्राम सभाएं

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जिले की 282 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित, शेष 268 पंचायतों को अभियान से जोड़ने की तैयारी

जिला स्तरीय कार्यशाला में अधिकारियों को दिए निर्देश, 120 अधिकारियों-कर्मचारियों ने बाल विवाह रोकने की शपथ ली रायगढ़। जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत 27 नवंबर को जिले की ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने का प्रस्ताव नियमानुसार पारित कराने पर जोर दिया जाएगा। जिले में अब तक 282 ग्राम पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित हो चुकी हैं, जबकि शेष 268 पंचायतों को भी इस अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

बाल विवाह की रोकथाम और ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत के सभाकक्ष में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला में अधिकारियों को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी दी गई। जिला पंचायत के सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 27 नवंबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत का प्रस्ताव रखा जाए और उसे नियमानुसार पारित कराया जाए।

282 पंचायतें बाल विवाह मुक्त घोषित

प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में रायगढ़ जिले की 282 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है। अब शेष 268 ग्राम पंचायतों को भी अभियान से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की कुल 60 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव पारित कराने पर जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों को कानून और जिम्मेदारियों की दी गई जानकारी

कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के कानूनी प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बाल विवाह की रोकथाम में अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों को भी समझाया गया। प्रशासन का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों को कानून के प्रति जागरूक करते हुए बाल विवाह रोकने के प्रयासों को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी बनाना है।

120 अधिकारियों-कर्मचारियों ने ली शपथ

कार्यशाला के अंत में 120 अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल विवाह रोकने की शपथ ली। इस दौरान बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और इसके खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के संकल्प पर जोर दिया गया।

बाल विवाह की जानकारी मिलने पर 1098 पर करें कॉल

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं बाल विवाह होने की जानकारी मिले या ऐसी आशंका हो, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना दें। समय पर जानकारी मिलने से बाल विवाह की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

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